विवाह मंगल गीत-बन्नो
सजल दिन नैनन राखे रे!!!
भोर भये जब दिन चढ़ आवे
तौते पहले वो उठ जावे
हाथ चाय लेई तोय जगावे
अंक भरे फिर तोय पिलावे
अरे! अखियन बरसे प्यार
सजल दिन नैनन राखे रे!!!
पनिया भरन तू पनघट जावै
ननद बेचारी राह निहारे
सखी-सहेली के सम जानै
दो-दो गगरी खुद भर लावै
अरे! तोय छुए न जल धार
सजल दिन नैनन राखे रे!!!
चौका चूल्हे जब हाथ लगावै
माई बने तेरी सासु आवै
वोई पवे और तोय खवावै
चूल्हे आंच से तोय बचावै
अरे! तेरी करे बीझना बियार
सजल दिन नैनन राखे रे!!!
गोबर-कूरे जब जाना चाहे
धरें परात ससुर जी आवै
घूघंट काढ़े न लाज लजावै
बेटी के सम मान वो वारै
अरे! गइयन की काढ़े धार
सजल दिन नैनन राखे रे!!!
बन्नी तोय ऐसौ मिले भरतार
सजल दिन नैनन राखे रे!!!
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