होली (कुंडलिया)

 होली (कुंडलिया)

आये बौर से लद गए, आमों वाले बाग
बीत गये दिन शीत के, स्वागत करता फ़ाग
स्वागत करता फ़ाग, कहता आ गयी होली
ढोल बजा नाचती, चौपाल बैठी टोली
रंग अबीर गुलाल ले, सबको आज लगाएं
रंगों से बढ़ता प्यार, चल पास शत्रु आये
-दुष्यंत 'बाबा'
पुलिस लाईन, मुरादाबाद।
मो0-9758000057

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